Zomato Listing : जोमैटो ने कैसे बनाया १८ लोगो को करोड़ पति आइए जानते है

फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो (Zomato) ने शुक्रवार को शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री की। इसने साथ ही 18 लोगों को एक ही दिन में डॉलर मिलिनेयर (10 लाख डॉलर) बना दिया। जोमैटो का शेयर अपने इश्यू प्राइस से 50 फीसदी से अधिक प्रीमियम पर लिस्ट हुआ था।

फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो (Zomato) ने शुक्रवार को शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री के साथ 18 लोगों को डॉलर मिलिनेयर (10 लाख डॉलर) बना दिया। दिन का कारोबार खत्म होने पर कंपनी को कोफाउंडर और सीईओ दीपेंद्र गोयल की वर्थ 4,650 करोड़ रुपये (62.4 करोड़ डॉलर) पहुंच गई। दीपेंद्र की जोमैटो में 5.5 फीसदी हिस्सेदारी है जिसमें ईसॉप्स (Esops) भी शामिल है।

इसी तरह कंपनी के कोफाउंडर और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर गुंजन पाटीदार के शेयरों और ईसॉप्स की कीमत 363 करोड़ रुपये पहुंच गई। इसी तरह एक और कोफाउंडर और न्यू बिजनेसेज के हेड मोहित गुप्ता के ईसॉप्स की कीमत 195 करोड़ रुपये हो गई। 2019 में कोफाउंडर बनाए गए और सप्लाई फंक्शन के हेड गौरव गुप्ता के स्टॉक ऑप्शंस की कीमत भी 179 करोड़ रुपये हो गई। इसी तरह हाल में कोफाउंडर बनाई गई आकृति चोपड़ा के ईसॉप्स की कीमत 149 करोड़ रुपये पहुंच गई। शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद जोमैटो के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर अक्षांत गोयल के ईसॉप्स की कीमत 114 करोड़ रुपये थी।

शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री

जोमैटो का शेयर शुक्रवार को अपने इश्यू प्राइस से 50 फीसदी से अधिक प्रीमियम पर लिस्ट हुआ था। बाद में यह बीएसई (BSE) अपनी ओपनिंग प्राइस 115 रुपये से 9 फीसदी ऊपर 125.85 रुपये पर बंद हुआ। पिछले हफ्ते इसके आईपीओ को 40.38 गुना बोलियां मिली थीं। इस आईपीओ से जोमैटो के कर्मचारियों की चांदी हुई है। कंपनी के हेड ऑफ इवेंट्स चैतन्य माथुर के स्टॉक ऑप्शंस की कीमत 67 करोड़ रुपये और ह्यूमन रिसोर्सेज और ऑपरेशंस की वाइस प्रेजिडेंट दामिनी साहनी के स्टॉक्स की वर्थ 43 करोड़ रुपये पहुंच गई।

इसी तरह नॉन-प्रॉफिट संस्था फीडिंग इंडिया के फाउंडर अंकित क्वात्रा की ईसॉप्स होल्डिंग्स 105 करोड़ रुपये हो गई। जोमैटो ने 2019 में फीडिंग इंडिया का अधिग्रहण किया था। कंपनी के तीन मुख्य स्टॉक ऑप्शन ट्रस्ट हैं जिनमें से Foodiebay Employees ESOP Trust की वर्थ 3,522 करोड़ रुपये है। मार्च में बनाए गए लेटेस्ट ईसॉप ट्रस्ट की वर्थ 6,324 करोड़ रुपये है।

क्या होता है ईसॉप


कई कंपनियां अपने कर्मचारियों खासकर सीनियर स्टाफ को खास प्रक्रिया के तहत अपने शेयर (Share) खरीदने का मौका देती हैं। इस प्रक्रिया को इंप्लॉइज स्टॉक ऑप्शन प्लान (ESOP) कहा जाता है। इस प्रक्रिया के तहत कंपनी एक तरह से अपने स्टाफ को अपने शेयर खरीदने का अधिकार (rights) देती हैं। कर्मचारी इस प्रक्रिया के तहत मिले अधिकार का इस्तेमाल कर कंपनी का शेयर खरीद सकता है। उसके लिए कंपनी का शेयर खरीदने की कोई बाध्यता नहीं है।

Read Also : एक लाख रुपए किए दूसरे के खाते मै ट्रांसफर, SBI ने कहा ये, आप भी रखिए इन बातो का ध्यान