विजयादशमी पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने की शस्त्र पूजा जाने क्या कहाँ

नागपुर


आज देश भर में विजयादशमी मनाई जा रही है। विजयादशमी को ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का स्थापना दिवस भी होता है। इस मौके पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर शस्त्र पूजा की। अब वह लोगों को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा- 9 नवंबर को रामजन्मभूमि के मामले में अपना निर्णय देकर सर्वोच्च न्यायालय ने इतिहास बनाया। भारतीय जनता ने इस निर्णय को संयम और समझदारी का परिचय देते हुए स्वीकार किया।

Mohan bhagwat
RSS Mohan Bhagwat

भागवत ने चीन को दिखाया आईना


चीन पर निशाना साधते हुए मोहन भागवत ने कहा कि हम शांत रहते हैं इसका मतलब यह नहीं कि हम दुर्बल हैं। इस बात को एहसास तो अब चीन को भी हो गया होगा। लेकिन ऐसा नहीं है कि इसके बाद हम लापरवाह हो जाएं। ऐसे खतरों पर में नजर बनाए रखनी होगी। 

मोहन भागवत ने कहा कि हम सभी से मित्रता चाहते हैं।वह हमारा स्वभाव है।परन्तु हमारी सद्भावना को दुर्बलता मानकर अपने बल के प्रदर्शन से कोई भारत को चाहे जैसा नचा ले,झुका ले,यह हो नहीं सकता,इतना तो अब तक ऐसा दुःसाहस करने वालों को समझ में आ जाना चाहिए।

कोरोना पर बोलते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि कोरोना की वजह से कई सारे विषय बंद हो गए। मोहन भागवत ने कहा- सरकार की तरफ से सही समय पर उठाए गए कदमों की वजह से भारत को कोरोना के मामले में अन्य देशों की तुलना में कम नुकसान हुआ। 

विश्व के अन्य देशों की तुलना में हमारा भारत संकट की इस परिस्थिति में अधिक अच्छे प्रकार से खड़ा हुआ दिखाई देता है। भारत में इस महामारी की विनाशकता का प्रभाव बाकी देशों से कम दिखाई दे रहा है, इसके कुछ कारण हैं। कोरोना की मार ने कई सार्थक बातों की तरफ हमारा ध्यान खींचा है।

कोरोना काल में धैर्य, आत्मविश्वास व सामूहिकता का अनुभूति दिखी

लॉकडाउन के समय आरएसएस सहित समाज के सभी वर्ग के लोगों ने जरूरतमंदों की खुल कर मदद की है। कहीं भोजन बांटने का काम हुआ तो.कही मास्क बांटे गए। स्वतंत्रता के बाद धैर्य, आत्मविश्वास व सामूहिकता की यह अनुभूति पहली बार अनेकों लोगों ने देखा है। इस विषम परिस्थिति में सरकार ने भी तत्परता पूर्वक लोगों को सावधान किया, सावधानी के उपाए बताए और उस पर अमल भी किया। 

CAA में किसी संप्रदाय विशेष का विरोध नहीं


सीएए पर बोलते हुए मोहन भागवत ने कहा- कुछ पड़ोसी देशों से सांप्रादायिक कारणों से प्रताड़ित होकर विस्थापित किए जाने वाले बंधु, जो भारत में आएंगे उनको मानवता के हित में शीघ्र नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान था। उन देशों में सांप्रदायिक प्रताड़ना का इतिहास है। भारत के इस नागरिकता संशोधन अधिनियम कानून में किसी संप्रदाय विशेष का विरोध नहीं है। 

सीएए को आधार बनाकर हिंसा के प्रयास किए गए


मोहन भागवत ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को आधार बनाकर समाज में विद्वेष व हिंसा फैलाने का षडयंत्र चल रहा है। इस कानून को संसद से पूरी प्रक्रिया से पास किया गया। इस षडयंत्र में शामिल लोग मुसलमान भाइयों के मन में यह बैठाने का प्रयास कर रहे हैं कि वे अब भारत में नहीं रहेंगे। आपकी संख्या न बढे इसके लिए कानून बनाई गई, यह बात फैलाया गया।

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शस्त्र पूजा की


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने विजयादशमी के मौके पर नागपुर में शस्त्र पूजा की। विजयादशमी को संघ का स्थापना दिवस होता है और हर साल इस मौके पर नागपुर मुख्यालय में कार्यक्रम आयोजित होता है। 

कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए इस बार संघ के इस कार्यक्रम में सावधानी भी बरती जा रही है। आमतौर पर खुले मैदान में होने वाला यह कार्यक्रम इस बार कोरोना की बंदिशों के बीच आयोजित किया गया है।

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