Anuradha Paundwal – अनुराधा पौंडवाल – कैसे बनायीं संगीत की दुनिया मे अपनी जगह

दोस्तों जैसा की हम जानते है की हम हर दिन यह प्रयास करते है की ऐसे लोगो की काहानी जिसे पढ़ आपको अपने जीवन मे आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करता है. इसी लिए हमारे चैनल पर हजारों लोग जुड़े रहते है. आज भी हम आपके लिए एक खास व्यक्तिमत्व की काहानी आपके लिए लाये है. 



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दोस्तों ये काहानी है ऐसे गायिका की जिनका नाम है, अनुराधा पौंडवाल वो पेशे से गायिका है. अनुराधा एक ऎसी गायिका है जो फिल्मो मे कभी गाना नहीं चाहती थी और जब वह आये तो उन्होने वह जगह पा ली जो किसी और गायिका के लिए पाना तक़रीबन नामुमकिन है दोस्तों. 


अनुराधा पौंडवाल की काहानी | Anuradha Paundwal biography | Anuradha paundwal songs 

काहानी की शुरवात होती है 27 अक्टूबर 1954 उनका जन्म हुवा. भारत सरकार द्वारा इन्हे पद्मश्री से नवाज़ा गया है. बचपन से ही संगीत उनके साथ था पर इन्हे ये यकीन कभी नहीं राहा की आगे जाकर ये इतनी बड़ी सिंगर बनेगी. इनके पिता का ऐसा मानना था की, इज्जतदार घर की बेटियां फ़िल्म इंडस्ट्री का हिस्सा नहीं बनती, उनके पति अरुण पौंडवाल वो फिल्मो मे थे वो दादा बर्मन के लिए काम कर चुके थे. अनुराधा जी के पिता उनके शादी को लेकर चिंतित थे. जब अरुण पौंडवाल से नजदीकिया बढ़ी तो उन्होने शादी के लिए हा कर दी थी. 


इनके दोनों के बिच 10 साल का फर्क था, इनके पति ने इनको अच्छे तरीके से शिक्षित किया प्ले बैक सिंगर के लिए, ये बात भी बड़ी दिलचप्स लगती है दोस्तों की कैसे अनुराधा जी सिंगर की दुनिया मे आयी है. अरुण जी एक बार उन्हें लताजी के रिकॉर्डिंग मे लेके गए थे और अनुराधा जी ने लता जी की रिकॉर्डिंग बड़े ध्यान से सुनी थी फिर वही गाना आकाशवाणी मे इन्होने गाया था. 


तब लताजी के छोटे भाई हृदयनात मंगेशकर माहान संगीतकार जोड़ी लक्षमण प्यारे लाल और भी कुछ चुनिंदा डिरेक्टर्स ने कहाँ था की ये लड़की कौन थी, जिन्होने इतना अच्छा गाना गाया है. बस यही से उनके सफर को मोड़ मिला अनुराधा जी का शादी के पहले का नाम अलका नंदकरानी है. तभी L.G.बर्मन अभिताभ जी के फ़िल्म को संगीत दे रहे थे, जिसमे उनके सहायक के रूप मे अरुण पौंडवाल थे. तभी दादा बर्मन ने अनुराधा पौंडवाल से कहाँ की एक श्लोक आपको गाना होंगा और तभी जया बचन पर आयी फ़िल्म मे ये श्लोक इनके आवाज मे रिकॉर्ड हुवा था.



एक समय ऐसा भी आया था जब उनकी आवाज ही गायप हो गई थी. अनुराधा जी लता मंगेशकर के गाने हमेशा गाया करती थी, जिसकी वजह से इन्हे निमोनिया हो गाया और इनकी आवाज भी नहीं आ रही थी, तब भी लता मंगेशकर की गाने सुना करते थे. जब धीरे धीरे इनकी आवाज वापस चली आयी तब तो मानो चमत्कार ही हो गया दोस्तों, इनकी आवाज मे एक अजीबसा सुरीलापण आ गाया था. स्कूल और कॉलेज के इवेंट मे इन्होने कही सारे अवार्ड प्राप्त किए है इन्हे फ़िल्म उत्सव के लिए पहला फ़िल्म अवार्ड मिला था गाना था ” मेरे मन बाजे ब्रिदंग ” 


अनुराधा पौंडवाल जी के कुछ फेमस गाने | Anuradha paundwal Ji Ke famous Gane 

° ज़िन्दगी कुछ इस तरह 

° इंतज़ार 

° बेखबर बेवफा 

° वो मेरे खाबो के शहजादे 

° तेरा नाम लिया 

° मधुबन खुशबु देता है 

° तू मेरा हीरो है 

° मेरे जीवन साथी 

° मैन रब से तुझे 

° एक बता दो बाते चार 


अनुराधा पौंडवाल के गाने आज भी रीमिक्स होते है दोस्तों, माधुरी दीक्षित हो या पूजा भट्ट सभी के फ़िल्म के लिए इनका आवाज और गाने गूंजते रहे यक़ीनन दोस्तों अनुराधा जी ने वो प्लेटफार्म पाया जिसे बहोत सी गायिका पाने की चाहत रखते है. 

उम्मीद करता हु दोस्तों ये छोटी काहानी आपको पसंद आयी होंगी. 

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