आरती साहा – Aarati saha gupta को Google ने किया याद – जाने कौन थी आरती साहा

दोस्तों जैसा की हम जानते है गूगल अपने होम पेज पर उन लोगो को सन्मान के तौर पर याद करती है जिन्होने अपने जीवन मे बहोत बडा योगदान दिया हो. 24 सितंबर को आरती साहा को गूगल ने याद कीया. इस दिन उनकी जयंती के तौर पर उन्हें याद किया गया दोस्तों चलिए जानते डिटेल्स.


Google (Doodle) आरती साहा 

24 सितंबर को गूगल ने अपने डूडल को आरती साहा (Google डूडल Arati Saha) की 80वीं जयंती को समर्पित किया है दोस्तों. उनका पूरा नाम आरती साहा गुप्ता है. आज ही के दिन यानी 24 सितंबर 1940 को आरती साहा (Arati Saha Google Doodle) का जन्म हुआ था. पीलिया के कारण उनकी मृत्यु 23 अगस्त 1994 को हुई थी. यहां हम आपको आरती साहा के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे है दोस्तों. 


आरती साहा कौन है ? 

आरती साहा इंडिया और एशिया की पहली महिला इंग्लिश चैनल पार करने वाली प्रसिद्ध तैराक है.  कोलकाता ,पश्चिम बंगाल की रहने वाली आरती ने महज 4 साल की उम्र से ही तैराकी शुरु कर दी थी. सचिन नाग ने आरती की तैराकी प्रतिभा को पहचाना और उसे तराशने का कार्य शुरु किया. 


1949 में आरती ने अखिल भारतीय रिकॉर्ड सहित राज्यस्तरीय तैराकी प्रतियोगिताओं को जीता. इसके अलावा उन्होंने 1952 में हेलसिंकी ओलंपिक में भी भाग लिया था इसी के साथ उन्होने कही सारे सन्मान अपने नाम किए दोस्तों यहाँ हमें महिला के प्रति गर्व की अनुभूति है इनको मेरा सत सत प्रणाम. 


ये जानकर आप हो जाएंगे दंग – आरती साहा 

इंडियन पुरुष तैराक मिहिर सेन से प्रेरित होकर उन्होंने इंग्लिश चैनल पार करने की कोशिश की और 29 सितम्बर 1959 को वे एशिया से ऐसा करने वाली प्रथम महिला तैराक बन गईं थी. आरती ने 42 मील की यह दूरी 14 घंटे 20 मिनट में पूरी कल ली, उनकी प्रतिभा के लिए उन्हें 1960 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था. 


एशिया की पहली महिला तैराकी – आरती साहा 

आरती साहा गुप्ता (Arati Saha Gupta) आरती के पिता का नाम पंचुगोपाल था. आरती की एक बहन और एक भाई थे, महज़ ढाई वर्ष की उम्र में आरती ने अपनी माँ को खो दिया था.आरती (Aarti Saha) ने 4 साल की उम्र में तैराकी शुरू की थी. 19 साल की छोटी-सी उम्र में उन्होंने इंग्लिश चैनल को पार करके दुनिया को हैरत में डाल दिया था दोस्तों.


उन्होंने 6 साल के स्टेट करियर में 1945 से 1951 के बीच 22 पुरस्कार जीते.फ्रांस के केप ग्रिस नेज और इंग्लेंड के सैंडगेट के बीच 69 किलोमीटर (KM) के फासले को उन्होंने सिर्फ 16 घंटे और 20 मिनट में तय किया था दोस्तों. 


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