Tomas Bata एक मोची ने कैसे बनायीं BATA कंपनी


Tomas Bata ki Biography 

Tomas Bata की बायोग्राफी इन हिंदी 


दोस्तों आज हम ऐसे स्टोरी के बारे मै बात करने वाले वह सुन कर आपको आपके जिंदगी मै चल रहे उतार चढ़ाव इसके सामने कम लगने लगेंगे, आज हम ऐसे एक कंपनी की बात करने वाले है, जिसे सुन आपको भी आपने जीवन मै आगे बढ़ने का जज्बा बना रहेगा। एक ऐसा ब्रांड जिसे छोटेसे छोटे बच्चे जानते है। जी हा मै बात कर राहा हु BATA की, भलेही हम इसे पैरो मै क्यों ना पहनते हो पर दिमाग़ मै इसका ब्रांड झलकता है। दोस्तों वैसे इसके पिछे की काहानी भी उससे ही रोमांचक है। 


Tomas Bata जी का जीवन सफर 


कहाँनी की शुरवात एक मोची के घर से हुई थी, फिर मेहनत लगन अच्छी सोच पर TOMAS BATA ने इसे सारी दुनिया पर फुटवियर ब्रांड बना दिया। साल 1894 जब चेकोस्लोवाकिया, ज़लीन Tomas Bata ने उनके भाई एंटोनिन और बहन ऐना के साथ जूते बनाने  की शुरवात की, इस कंपनी मै उन्हें 10 एम्प्लोयी भी रखे थे। Tomas के लिए यह नया बिलकुल भी नही था, क्युकि उनकी कही पीढ़ियां मोची का काम करते आ रही थी।

 
लेकिन अपने इस हुनर को कुछ बड़े स्तर पर आजमाने का जूनून उनमे पहलेसे था। दोस्तों कोई भी काम क्यों ना हो वह बहोत सारे मुश्किलें साथ मै लेकर आता ही है,  और ऐसा ही Bata फॅमिली के साथ हुवा। कंपनी की स्थापना करने के पहले Tomas को पैसो की बहोत कठिनायों का सामना करना पड़ा था। Tomas कर्ज मै बेहाल थे, तब लेदर की जगह कैनवास के जूते बनाने का फैसला किया लेकिन उनके यह फैसले ने एक नये idea को जन्म दिया। कैनवास सस्ता होने की वजह से उनके बनाये गए जूते बहोत ही तेजीसे पॉपुलर होते चले गए। 



कंपनी की नीव 


इसके साथ साथ कंपनी भी आगे बढ़ती चली गई, कुछ सालो बाद 1904 मै Tomas अमेरिका गए और वहाँ यह सिख कर आये, की वहाँ बहोत सारे जूतों को एकसाथ बनाने का तरीका अवगत कर लौटे और उसी पर काम कर उनकी तरकीब को और मजबूत कर कंपनी मै और उछाल आता चला गया। फिर उन्होने Batovky नाम का जूता ऑफिसियल लोगो के लिए डिज़ाइन किया सिम्पलिसिटी, स्टाइल, लाइट वेट प्राइस मै भी कम इसे लोगो ने बहोत पसंद किया। 


इसकी पॉपुलैरिटी मै काफ़ी ग्रोथ बढ़ा दीं लेकिन आगे चलकर थॉमस के भाई एंटोनिन की मृत्यु हो गई। उनकी बहन भी शादी कर अपने ससुराल चली गई, अब थॉमस अकेलेही रह चुके थे। वह यहाँ पर नही रुके उन्होने ने उनके छोटे भाई को शामिल कर बिसनेस पर ध्यान दिया और साल 1912 आते आते bata के कर्मचारी की संख्या 600 तक हो गई। जब 1914 मै पहला वर्ल्ड वॉर शुरू हुवा था, तब क्वालिटी और कंफर्ट के लिए जाने जाने वाले Bata कंपनी को सेना के लिए जूते बनाने का बहोत बड़ा आर्डर मिला और 1918 तक चली इस वर्ल्ड वॉर तक Bata मै कर्मचारी की संख्या 10 गुना तक बढ़ाई गई। 

 
इस कंपनी ने बहोत सारे देश मै अपने स्टोर्स भी खोल लिए दोस्तों Tomas bata के साथ अब तक बहोत अच्छा चल राहा था। वर्ल्ड वॉर ख़तम हो गया तब बहोत बड़ी मंदी का दौर आया वह bata के लिए भी बड़े संकट के रूप मै आया था। लेकिन इस बार भी Tomas ने इस प्रॉब्लम को बहोत अच्छे से हैंडल किया, और कंपनी के लिए एक बहोत बड़ा फैसला किया, की Bata शू की किंमत आधी कर दीं। फिर कंपनी के कर्मचारी ने भी उनका बहोत अच्छे से साथ दिया, अपनी पगार मै 40% की कटौती करने मै तैयार हुए। दोस्तों जैसा की हम जानते है, बिसनेस एक टीम वर्क की तरह होता है अगर हम अपने टीम के साथ अच्छे से काम करें तो उसका परिणाम भी अच्छा ही होता है। 


वैसे ही थॉमस के साथ हुवा और देखतेही देखते टीम वर्क ने ऐसा काम कर दिखाया की bata को सस्ते और अच्छे शू बनाने के ऑर्डर्स आते चले गए। ऐसे ही दिन बीतते गए आखिरकर वह दिन आया 1932 मै Tomas Bata ने दुनिया को अलविदा कहाँ। लेकिन उनकी जिंदगी ने हमें बहोत कुछ सीखा दिया है, इसके बाद आज तक Bata ने कभी पिछे मूड कर नही देखा आज Bata दुनिया की सबसे बड़ी फुटवियर कंपनी है। इसका हेडक्वार्टर स्विज़रलैंड मै मौजूद है। आज Tomas Bata ऑफ़ यूनिवर्सिटी उनके नाम है, जहाँ लाखो स्टूडेंट पढ़ते है। 


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मुझे आशा है इस सफर को पढ़ कर आपको भी अन्दर से लग राहा होंगा की, कोनसा भी सफर ख़तम तब होता जब हम उम्मीद खो देते है, मगर अन्दर से वह जज्बा हो तो कुछ भी मुश्किल नही होता दोस्तों. 


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